इसलिए उसे दंडस्वरूप मोटे टाट के बोरे को फाड़कर बनाए
हुए खुरदुरे कपडे़ दिए गए, तो उसने कपड़े पहनना ही छोड़ दिया। टाट के उन वस्त्रों को दो-चार लोगों ने उसे गिराकर बलपूर्वक पहनाया और लगभग सिलाई से उन्हें पक्का किया तो उसने रात में उन्हें फाड़ डाला। अतः रात में भी उसे हथकड़ियों में रखकर ताला ठोंक दिया गया; लेकिन उसने रात भर गुपचुप महत्प्रयास से हथकड़ियां तोड़ डाली। ‘क्यों तोड़ डाली?’ यह प्रश्न करते हुए उस पर गालियों की बौछार की
इसलिए उसे दंडस्वरूप मोटे टाट के बोरे को फाड़कर बनाए
हुए खुरदुरे कपडे़ दिए गए, तो उसने कपड़े पहनना ही छोड़ दिया। टाट के उन वस्त्रों को दो-चार लोगों ने उसे गिराकर बलपूर्वक पहनाया और लगभग सिलाई से उन्हें पक्का किया तो उसने रात में उन्हें फाड़ डाला। अतः रात में भी उसे हथकड़ियों में रखकर ताला ठोंक दिया गया; लेकिन उसने रात भर गुपचुप महत्प्रयास से हथकड़ियां तोड़ डाली। ‘क्यों तोड़ डाली?’ यह प्रश्न करते हुए उस पर गालियों की बौछार की