गई तो महाशय ने उत्तर देना ही छोड़ दिया। अधिकारियों के प्रश्नों के उत्तर न देने की उद्दंडता के लिए उसे दंड दिया तो अधिकारी के आते ही उसने खड़ा रहना ही छोड़ दिया। इसके दंडस्वरूप उसकी कोठरीबंद बढ़ाई गई तो किसी भी कार्यवश कोठरी से बाहर निकलना ही उसने बंद कर दिया। स्नान करने के लिए भी वह बाहर नहीं आता। तब उसे बलपूर्वक उठाकर नग्नावस्था में ही हौज में गिराकर भंगियों से उसे स्नान कराया जाता और नारियल के छिलके के टुकड़े से उसका शरीर
गई तो महाशय ने उत्तर देना ही छोड़ दिया। अधिकारियों के प्रश्नों के उत्तर न देने की उद्दंडता के लिए उसे दंड दिया तो अधिकारी के आते ही उसने खड़ा रहना ही छोड़ दिया। इसके दंडस्वरूप उसकी कोठरीबंद बढ़ाई गई तो किसी भी कार्यवश कोठरी से बाहर निकलना ही उसने बंद कर दिया। स्नान करने के लिए भी वह बाहर नहीं आता। तब उसे बलपूर्वक उठाकर नग्नावस्था में ही हौज में गिराकर भंगियों से उसे स्नान कराया जाता और नारियल के छिलके के टुकड़े से उसका शरीर