तक वह भीतर था तब तक अन्न त्याग करने से हम उसे सतत रोकते रहे थे। उसके अन्न त्याग के पश्चात् तीन-चार दिन किसी ने उस पर गौर नहीं किया। उसने किसी से यह बात नहीं कही। अन्न-जल के बिना वह ऐसे ही लेटा रहा। यह नया कांड देखकर अधिकारियों ने पुनः उसे उठाकर हमारे सेल्युलर कारगृह में बंद किया, फिर भी उसने अन्न ग्रहण नहीं किया। आगे चलकर पांच-छह दिनों के पश्चात् उसे नियमानुसार बलपूर्वक नाक में नलिका ठूंसकर पिलाया जाने लगा।
भीतर नानी
तक वह भीतर था तब तक अन्न त्याग करने से हम उसे सतत रोकते रहे थे। उसके अन्न त्याग के पश्चात् तीन-चार दिन किसी ने उस पर गौर नहीं किया। उसने किसी से यह बात नहीं कही। अन्न-जल के बिना वह ऐसे ही लेटा रहा। यह नया कांड देखकर अधिकारियों ने पुनः उसे उठाकर हमारे सेल्युलर कारगृह में बंद किया, फिर भी उसने अन्न ग्रहण नहीं किया। आगे चलकर पांच-छह दिनों के पश्चात् उसे नियमानुसार बलपूर्वक नाक में नलिका ठूंसकर पिलाया जाने लगा।
भीतर नानी