गोपाल की यह स्थिति थी और बाहर एक नया कांड उपस्थित हो गया। बाहर निकले हुए राजबंदियों में प्रायः एक दूसरे से मिलने के लिए गुपचुप इस जिले से उस जिले में चले जाते- लाख नियम उल्लघंन करते हुए भी। इस पर गौर करना चाहिए कि अन्य बंदी भी इसी तरह चोरी-छिपे भटकते रहते थे। परंतु राजबंदी कोई भी बात करते तो वह अधिकारियों को तुरंत चैंका देती। उन लोगों ने, जिन्होंने स्वदेश का समाचार लाना तथा अन्य बंदियों में स्वदेशी व्रत का प्रसार करके
गोपाल की यह स्थिति थी और बाहर एक नया कांड उपस्थित हो गया। बाहर निकले हुए राजबंदियों में प्रायः एक दूसरे से मिलने के लिए गुपचुप इस जिले से उस जिले में चले जाते- लाख नियम उल्लघंन करते हुए भी। इस पर गौर करना चाहिए कि अन्य बंदी भी इसी तरह चोरी-छिपे भटकते रहते थे। परंतु राजबंदी कोई भी बात करते तो वह अधिकारियों को तुरंत चैंका देती। उन लोगों ने, जिन्होंने स्वदेश का समाचार लाना तथा अन्य बंदियों में स्वदेशी व्रत का प्रसार करके