कहानी हिदंुस्थानी समाचार-पत्रों के छपते¹ ही अंदमान के अधिकारियों में खलबली मच गई। हिंदुस्थानी के वृत्तपत्रों का एकाध लेख इधर चाहे कितना भी घटिया क्यों न प्रतीत हो, परंतु अंदमान में उस योग से हम लोगों का एक दिन तो सुखपूर्वक व्यतीत होता। कौंसिल में अंदमान के राजबंदियों से संबंधित पूछा गया एकाध प्रश्न, फिर इधर उसे चाहे कितना ही तिरस्कारपूर्ण उत्तर क्यों न मिले, हमें कम-से-कम महीना भर जीवन किंचित सुसह्म रूप से व्यतीत करने
कहानी हिदंुस्थानी समाचार-पत्रों के छपते¹ ही अंदमान के अधिकारियों में खलबली मच गई। हिंदुस्थानी के वृत्तपत्रों का एकाध लेख इधर चाहे कितना भी घटिया क्यों न प्रतीत हो, परंतु अंदमान में उस योग से हम लोगों का एक दिन तो सुखपूर्वक व्यतीत होता। कौंसिल में अंदमान के राजबंदियों से संबंधित पूछा गया एकाध प्रश्न, फिर इधर उसे चाहे कितना ही तिरस्कारपूर्ण उत्तर क्यों न मिले, हमें कम-से-कम महीना भर जीवन किंचित सुसह्म रूप से व्यतीत करने