राजबंदियों की बात पर विचार करना अनिवार्य होता।
इस समय भी वहीं हुआ। हिंदुस्थान के वृत्तपत्रों मंे किसने यह समाचार भेजा कौन लिखित साहित्य ले गया आदि बातों का सुराग न मिलने से अधिकारी आग-बबूला हो गए। कुछ दिन यूं ही बीत गए। मुझे बाहर भेजने के विषय में मेरे आवेदन-पत्र की सुनवाई हुई और मुझे उससे पांच-छह दिन पूर्व ही उत्तर मिल चुका था कि आपको सोमवार के दिन बाहर भेजा जाएगा।
मैं दंग रह गया। सोचा, मेरे जाने से बंधु भी अवश्य
राजबंदियों की बात पर विचार करना अनिवार्य होता।
इस समय भी वहीं हुआ। हिंदुस्थान के वृत्तपत्रों मंे किसने यह समाचार भेजा कौन लिखित साहित्य ले गया आदि बातों का सुराग न मिलने से अधिकारी आग-बबूला हो गए। कुछ दिन यूं ही बीत गए। मुझे बाहर भेजने के विषय में मेरे आवेदन-पत्र की सुनवाई हुई और मुझे उससे पांच-छह दिन पूर्व ही उत्तर मिल चुका था कि आपको सोमवार के दिन बाहर भेजा जाएगा।
मैं दंग रह गया। सोचा, मेरे जाने से बंधु भी अवश्य