पर अथवा सुनने का नाटक करने के पश्चात् अधिकारी उन्मत्त हो गए। वे उद्दंडातापूर्ण कहने लगे, अब बाहर जाने का
नाम भी मत लेना। हिंदुस्थान सरकार का अंतिम आदेश आ गया है। अब दंड समाप्त होने पर अथवा मरने के पश्चात् ही इस कारागार से बाहर निकलोगे।
अवश, असाहय राजबंदी, जो आजीवन कारावास का दंड भुगत रहे थे, जिन्हें एक-एक करके कोठरियों में बंद किया गया था, उन्होंने इस बात का आकलन भी नहीं किया था कि इस नए भयानक आरोप का निश्चित स्वरूप
पर अथवा सुनने का नाटक करने के पश्चात् अधिकारी उन्मत्त हो गए। वे उद्दंडातापूर्ण कहने लगे, अब बाहर जाने का
नाम भी मत लेना। हिंदुस्थान सरकार का अंतिम आदेश आ गया है। अब दंड समाप्त होने पर अथवा मरने के पश्चात् ही इस कारागार से बाहर निकलोगे।
अवश, असाहय राजबंदी, जो आजीवन कारावास का दंड भुगत रहे थे, जिन्हें एक-एक करके कोठरियों में बंद किया गया था, उन्होंने इस बात का आकलन भी नहीं किया था कि इस नए भयानक आरोप का निश्चित स्वरूप