क्या है। ऐसी अवस्था में तथा मानसिक चिंता से व्यग्र इस प्रकार के उत्तर सुनकर राजबंदियों की कैसी गत बनती होगी, भला इसका वर्णन कैसे करें? इस तरह असंगठित तथा किंकर्तव्यविमूढ़ अवस्था में कुछ दिन गुजरे।
बस थोड़े ही दिन! क्योंकि एक-दो सप्ताह में ही आगामी कार्यक्रम की साधारण रूपरेखा निश्चित की गई। प्रथमतः यह निश्चय हुआ कि यूं ही न घबराते हुए दो-तीन लोग इस तरह आवेदन-पत्र भेजें कि यह निश्चित रूप में सूचित किया जाए कि अभियोग या आरोप क्या है। षड्यंत्र,
क्या है। ऐसी अवस्था में तथा मानसिक चिंता से व्यग्र इस प्रकार के उत्तर सुनकर राजबंदियों की कैसी गत बनती होगी, भला इसका वर्णन कैसे करें? इस तरह असंगठित तथा किंकर्तव्यविमूढ़ अवस्था में कुछ दिन गुजरे।
बस थोड़े ही दिन! क्योंकि एक-दो सप्ताह में ही आगामी कार्यक्रम की साधारण रूपरेखा निश्चित की गई। प्रथमतः यह निश्चय हुआ कि यूं ही न घबराते हुए दो-तीन लोग इस तरह आवेदन-पत्र भेजें कि यह निश्चित रूप में सूचित किया जाए कि अभियोग या आरोप क्या है। षड्यंत्र,