राज्य क्रांति, राजद्रोह, बम बनाना, भागने की योजना-जो भी अपराध आप समझते हैं, उसे प्रकट रूप में आरोपित करके हम पर अभियोग लगाइए। जो बाहर से आ गए, उनमें से जिन्होंने इस तरह उत्तर दिया, उन्हें काफी हां-ना करते हुए अंत में उत्तर दिया गया, ‘हमारे पास इतना प्रमाण नहीं है कि आप पर अभियोग चलाया जाए। परंतु हा, प्रमाण न होने पर भी आप यदि कहें, हमें बाहर छोड़ो तो इसका नाम कतई न लें’ इस प्रकार धमकाया भी जाता। अंदमान में जहां बंदियों पर चलाए गए अभियोग में वकील भी नहीं मिलते-न पंच,
राज्य क्रांति, राजद्रोह, बम बनाना, भागने की योजना-जो भी अपराध आप समझते हैं, उसे प्रकट रूप में आरोपित करके हम पर अभियोग लगाइए। जो बाहर से आ गए, उनमें से जिन्होंने इस तरह उत्तर दिया, उन्हें काफी हां-ना करते हुए अंत में उत्तर दिया गया, ‘हमारे पास इतना प्रमाण नहीं है कि आप पर अभियोग चलाया जाए। परंतु हा, प्रमाण न होने पर भी आप यदि कहें, हमें बाहर छोड़ो तो इसका नाम कतई न लें’ इस प्रकार धमकाया भी जाता। अंदमान में जहां बंदियों पर चलाए गए अभियोग में वकील भी नहीं मिलते-न पंच,