मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

वक्तृत्वपूर्ण कुछ वाक्य उसके मुंह से निकल ही रहे थे कि आंखों से चिनगारियां निकालते हुए बारी, मिर्जा खान, पठान वाॅर्डर-सभी ने उस पर धावा बोल दिया। परंतु हमारे वक्ता महोदय का भाषण उसी तरह धाराप्रवाह जारी थां उसके भाषण के विषय का तब तक समापन नहीं हुआ जब तक उसे उठाकर कोठरी में बंद नहीं कर दिया गया। राजबंदी अपनी हंसी रोक नहीं पर रहे थे और बारी का गुस्सा अनियंत्रित हो रहा था।

पठान या हिंदू

मेरी कोठरी के पास आकर अकेले में मिर्जा खान से रहा नहीं जा रहा था अर्थात्


966 of 2228

वक्तृत्वपूर्ण कुछ वाक्य उसके मुंह से निकल ही रहे थे कि आंखों से चिनगारियां निकालते हुए बारी, मिर्जा खान, पठान वाॅर्डर-सभी ने उस पर धावा बोल दिया। परंतु हमारे वक्ता महोदय का भाषण उसी तरह धाराप्रवाह जारी थां उसके भाषण के विषय का तब तक समापन नहीं हुआ जब तक उसे उठाकर कोठरी में बंद नहीं कर दिया गया। राजबंदी अपनी हंसी रोक नहीं पर रहे थे और बारी का गुस्सा अनियंत्रित हो रहा था।

पठान या हिंदू

मेरी कोठरी के पास आकर अकेले में मिर्जा खान से रहा नहीं जा रहा था अर्थात्


966 of 2228