छोटे बारी ने कहा, ‘‘ बड़े बाबू, यह छोकरा नानी गोपाल आपका सच्चा चेला है। उसका साहस हिंदुओं को शोभा नहीं देता। वह तो किसी पठान का बच्चा लगता है।’’ मैंने कहा, ‘‘बड़े जमादार साहब, आप भूल कर रहे हैं। आपके पिता पठान थे। यदि वह आप जैसा पठान का बच्चा होता तो आज स्वदेशार्थ यहां सड़ते रहकर बारी को सागपात न समझते हुए आपकी तरह ही उसके तलवे चाटता फिरता। बारी यदि दिन को रात कहे तो आप भी रात कहते हैं। वह हिंदू है, इसीलिए वह इतना सूरमा है। जमादार,
छोटे बारी ने कहा, ‘‘ बड़े बाबू, यह छोकरा नानी गोपाल आपका सच्चा चेला है। उसका साहस हिंदुओं को शोभा नहीं देता। वह तो किसी पठान का बच्चा लगता है।’’ मैंने कहा, ‘‘बड़े जमादार साहब, आप भूल कर रहे हैं। आपके पिता पठान थे। यदि वह आप जैसा पठान का बच्चा होता तो आज स्वदेशार्थ यहां सड़ते रहकर बारी को सागपात न समझते हुए आपकी तरह ही उसके तलवे चाटता फिरता। बारी यदि दिन को रात कहे तो आप भी रात कहते हैं। वह हिंदू है, इसीलिए वह इतना सूरमा है। जमादार,