अप्रत्यक्ष विरोध बंद हुआ। हिंदू बंदियों को धार्मिक पुस्तक अपने पास रखने, काम से निपटने के बाद किसी को पढ़ने के लिए देने तथा स्लेट का एकाध टुकड़ा या स्लेट भी रखने की स्थिति बनी।
हिंदू लोगों को छुट्टी मिलने में भी इसी तरह का पक्षपात होता। मुसलमानी छुट्टी के दिन मुसलमान बंदियों को काम न करते हुए गप्पे हांकने और आराम से घूमते रहने की पूरी छूट मिलती थी। परंतु हिंदुओं को कितनी ही छुट्यिां तो दी ही नहीं जाती, छुट्टियों के दिन छोटे अधिकारी उन्हें डांटते-धमकाते,
अप्रत्यक्ष विरोध बंद हुआ। हिंदू बंदियों को धार्मिक पुस्तक अपने पास रखने, काम से निपटने के बाद किसी को पढ़ने के लिए देने तथा स्लेट का एकाध टुकड़ा या स्लेट भी रखने की स्थिति बनी।
हिंदू लोगों को छुट्टी मिलने में भी इसी तरह का पक्षपात होता। मुसलमानी छुट्टी के दिन मुसलमान बंदियों को काम न करते हुए गप्पे हांकने और आराम से घूमते रहने की पूरी छूट मिलती थी। परंतु हिंदुओं को कितनी ही छुट्यिां तो दी ही नहीं जाती, छुट्टियों के दिन छोटे अधिकारी उन्हें डांटते-धमकाते,