‘काम करते हो या दिन भर कोठरी में बंद रहना पसंद करोगे?’ अर्थात् आंखें तरेरे जमादार के मुंह से कोठरीबंदी का नाम सुनते ही बेचारे हिंदू बंदी चूपचाप काम करते। इस प्रकार के अनयाय को रोकने और हिंदुओं को अपनी छुट्टियां दिलवाने के लिए उन्हें मना करने के लिए प्रवृत्त करके हम भी काम छोड़कर बैठ गए। पर्यवेक्षक ने आकर देखा कि मामला हद से बढ़ गया है? तब उसने हमसे कहा, ‘‘हिंदुओं को छुट्टियां दी जाएगी परंतु आप लोग इस तरह डंका पीटेंगे तो
‘काम करते हो या दिन भर कोठरी में बंद रहना पसंद करोगे?’ अर्थात् आंखें तरेरे जमादार के मुंह से कोठरीबंदी का नाम सुनते ही बेचारे हिंदू बंदी चूपचाप काम करते। इस प्रकार के अनयाय को रोकने और हिंदुओं को अपनी छुट्टियां दिलवाने के लिए उन्हें मना करने के लिए प्रवृत्त करके हम भी काम छोड़कर बैठ गए। पर्यवेक्षक ने आकर देखा कि मामला हद से बढ़ गया है? तब उसने हमसे कहा, ‘‘हिंदुओं को छुट्टियां दी जाएगी परंतु आप लोग इस तरह डंका पीटेंगे तो