आपको दंड दिया जाएगा। आपको एक साधारण दंडित सदृश दंड देना मुझे अप्रिय लगता है, इसीलिए अबकी बार छोड़ देता हूं।’’
हिंदू बंदियों के अन्याय दूर करने के लिए प्रयत्नशील रहनेवाले राजबंदी अपने मुसलमान बंदियों पर हो रहे अन्यायों का प्रतिकार करने में भी पीछे नहीं रहते थे। उनके प्रयासों से भोजन, काम, दंड आदि में जो सुधार हुए और बंदियों को जो सुविधाएं मिलती गई, उनका लाभ मुसलमानों को भी मिल ही रहा था। अतः वे भी राजबंदियों का आदर करते । इतना ही नहीं,
आपको दंड दिया जाएगा। आपको एक साधारण दंडित सदृश दंड देना मुझे अप्रिय लगता है, इसीलिए अबकी बार छोड़ देता हूं।’’
हिंदू बंदियों के अन्याय दूर करने के लिए प्रयत्नशील रहनेवाले राजबंदी अपने मुसलमान बंदियों पर हो रहे अन्यायों का प्रतिकार करने में भी पीछे नहीं रहते थे। उनके प्रयासों से भोजन, काम, दंड आदि में जो सुधार हुए और बंदियों को जो सुविधाएं मिलती गई, उनका लाभ मुसलमानों को भी मिल ही रहा था। अतः वे भी राजबंदियों का आदर करते । इतना ही नहीं,